Latest

बसपा सुप्रीमो मायावती का बड़ा बयान,BSP अकेले दम पर लड़ेगी चुनाव

Editor : 24 Adda Official | 18 February, 2026

बहुजन समाज पार्टी (बसपा) की सुप्रीमो मायावती ने हाल ही में एक बड़ा ऐलान किया है। उन्होंने साफ-साफ कहा है कि 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में बसपा अकेले लड़ेगी। न तो सपा (समाजवादी पार्टी) से गठबंधन होगा और न ही कांग्रेस से। उन्होंने गठबंधन की सभी अफवाहों को सिरे से खारिज कर दिया है।

बसपा सुप्रीमो मायावती का बड़ा बयान,BSP अकेले दम पर लड़ेगी चुनाव

Source or Copyright Disclaimer


मायावती ने लखनऊ में मीडिया से बात की। उन्होंने कहा कि बसपा किसी भी पार्टी के साथ गठबंधन नहीं करेगी। गठबंधन की खबरें फेक न्यूज हैं, जो उनके विरोधी फैला रहे हैं। ये लोग बसपा के कार्यकर्ताओं का ध्यान भटकाना चाहते हैं। मायावती ने कई बार दोहराया है कि पार्टी अपने दम पर चुनाव लड़ेगी और पूर्ण बहुमत से सरकार बनाएगी।

क्यों लिया बसपा ने अकेले लड़ने का फैसला?मायावती का कहना है कि पहले जब बसपा ने गठबंधन किए थे, तो पार्टी को नुकसान हुआ। जैसे:सपा के साथ गठबंधन में बसपा को फायदा नहीं मिला।

भाजपा के साथ भी समझौते ज्यादा दिन नहीं चले।

लेकिन जब बसपा ने 2007 में अकेले चुनाव लड़ा था, तो उसने 206 सीटें जीतीं और खुद की सरकार बनाई। मायावती कहती हैं कि गठबंधन से बसपा की विचारधारा कमजोर होती है। इसलिए अब पार्टी एकला चलो की राह पर चलेगी।

वे कहती हैं – "गठबंधन से सिर्फ नुकसान होता है। बसपा के लोग अब पूरी ताकत से अकेले चुनाव लड़ने के लिए तैयार हैं। हम 2027 में हाथी की मस्त चाल से जीतेंगे।"

गठबंधन की अफवाहें क्यों फैल रही हैं?उत्तर प्रदेश की सियासत में 2027 का चुनाव बहुत महत्वपूर्ण है। भाजपा सत्ता में है, सपा-कांग्रेस गठबंधन की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में बसपा अगर किसी के साथ जाती तो समीकरण बदल सकते थे। लेकिन मायावती ने साफ कर दिया कि ऐसा कुछ नहीं होगा।कुछ लोग कहते थे कि बसपा सपा से मिलकर चुनाव लड़ेगी, क्योंकि दोनों दल दलित, मुस्लिम और पिछड़े वोट बेस पर मजबूत हैं। लेकिन मायावती ने इसे विरोधियों की साजिश बताया। उन्होंने कहा कि कुछ लोग AI से फेक वीडियो और खबरें बनाकर अफवाह फैला रहे हैं। मीडिया को ऐसी खबरों से बचना चाहिए।


बसपा की रणनीति क्या होगी?मायावती बसपा को मजबूत बनाने पर जोर दे रही हैं। वे कार्यकर्ताओं से कह रही हैं:पार्टी की विचारधारा पर ध्यान दो – बाबा साहेब आंबेडकर के सपनों को पूरा करो।

सभी वर्गों – दलित, पिछड़े, मुस्लिम, ब्राह्मण, ठाकुर आदि – को साथ लाओ।

2007 जैसी जीत दोहराओ।

वे दावा करती हैं कि लोग अब बसपा की सरकार चाहते हैं क्योंकि कानून-व्यवस्था खराब है, महंगाई है, और अन्य पार्टियां जनता के मुद्दों पर ध्यान नहीं दे रही हैं।

इस प्रेस कॉन्फ्रेंस में मायावती ने दिल्ली में टाइप-8 बंगला मिलने पर भी बात की। उन्होंने कहा कि यह सुरक्षा के कारण मिला है। गेस्ट हाउस कांड के बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई थी। इसलिए उन्होंने इसे स्वीकार किया। यह कोई राजनीतिक फायदा नहीं है, बल्कि जरूरत है।

मायावती का यह ऐलान उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा बदलाव ला सकता है। अगर बसपा अकेले लड़ेगी, तो वोटों का बंटवारा होगा। सपा-कांग्रेस को फायदा मिल सकता है या भाजपा मजबूत हो सकती है। लेकिन मायावती को यकीन है कि बसपा मजबूत होकर वापसी करेगी।